कक्षा 12 हिन्दी अनिवार्य अलंकार परिभाषा भेद उदाहरण

 कक्षा 12 हिन्दी अनिवार्य अलंकार परिभाषा भेद उदाहरण  । सम्पूर्ण नोट्स 

SK HINDI SIR ब्लॉग पर आपका स्वागत है। कक्षा 12 अनिवार्य हिंदी में अलंकार पूरे अंक दिलाने वाला विषय है, लेकिन छात्र परिभाषाएं रटने के बाद भी परीक्षा के उदाहरणों में उलझ जाते हैं। इस ब्लॉग पर मेरा उद्देश्य आपको बोर्ड परीक्षा के नए पैटर्न के अनुसार बिल्कुल सरल शॉर्ट ट्रिक्स, महत्वपूर्ण उदाहरण और सम्पूर्ण नोट्स उपलब्ध कराना है, ताकि बिना किसी भ्रम के आपका परीक्षा में एक भी अंक न कटे।


कक्षा 12 हिन्दी अनिवार्य अलंकार
अलंकार परिभाषा भेद उदाहरण 


अलंकार की भूमिका और महत्त्व


जैसे कोई व्यक्ति अपनी सुंदरता बढ़ाने के लिए अच्छे कपड़े और सुंदर गहने पहनता है, ठीक उसी तरह एक कवि अपनी कविता को सुंदर, आकर्षक और असरदार बनाने के लिए अलंकारों का प्रयोग करता है। 

कविता में अलंकार केवल सजावट के लिए नहीं होते, बल्कि ये कवि की बात को सीधे पाठक के दिल तक पहुँचाने का काम करते हैं।

अलंकार का महत्त्व

  • सुंदरता बढ़ाना - यह भाषा और कविता की सुंदरता को दोगुना कर देता है।
  • प्रभावशाली ढंग - इसके प्रयोग से साधारण सी बात भी बहुत गहरी और आकर्षक लगने लगती है।
  • कविता में जादू - यह शब्दों और अर्थों के माध्यम से कविता में एक अनोखा आकर्षण पैदा करता है।
  • बात साफ होना - इसके माध्यम से कवि अपनी बात को पाठकों को बहुत आसानी से समझा पाता है।

अलंकार का सीधा अर्थ

गहना या आभूषण। जिस तरह गहने पहनने से शरीर की सुंदरता बढ़ती है, ठीक उसी तरह अलंकार के प्रयोग से कविता की सुंदरता बढ़ती है।

काव्य शास्त्र - अलंकार के मुख्य भेद

अलंकार का सरल अर्थ है आभूषण। जिस प्रकार गहने शरीर की सुंदरता बढ़ाते हैं, उसी प्रकार अलंकार कविता की सुंदरता बढ़ाते हैं। मुख्य रूप से अलंकार के तीन भेद होते हैं। आइए इन्हें सरल और साहित्यिक दोनों रूपों में समझें:

1. शब्दालंकार -

मुख्य पंक्ति - 'शब्द' बदलो – चमत्कार खत्म

मुख्य बात - सुंदरता केवल विशेष शब्दों और उनकी ध्वनि पर टिकी होती है।

नियम - यदि मूल शब्द अपनी जगह से हटकर जाए और उसकी जगह कोई दूसरा पर्यायवाची शब्द लगाओ, तो कविता का पूरा आकर्षण गायब हो जाएगा।

सरल परिभाषा - जब कविता में सुंदरता केवल विशेष शब्दों के कारण आती है। यदि मुख्य शब्द अपनी जगह से हटकर अलग हो और उसकी जगह कोई दूसरा समान अर्थ वाला शब्द लगाओ, तो कविता की सुंदरता खत्म हो जाती है।

साहित्यिक परिभाषा - जहाँ काव्य का चमत्कार केवल शब्द-विन्यास पर आधारित होता है। इसमें शब्द विशेष की अपरिवर्तनीयता होती है; अर्थात मूल शब्द के स्थान से हटकर उसका पर्यायवाची शब्द प्रयोग करने पर अलंकार स्वतः समाप्त हो जाता है।


2. अर्थालंकार -

मुख्य पंक्ति - 'शब्द' बदलो – चमत्कार जारी

मुख्य बात - सुंदरता शब्दों के बाहरी रूप में नहीं, बल्कि उनके गहरे अर्थ में होती है।

नियम - यदि मूल शब्द अपनी जगह से हटकर दूर हो और उसकी जगह समान अर्थ वाला दूसरा शब्द लगाओ, तब भी कविता की सुंदरता पर कोई असर नहीं पड़ता।

सरल परिभाषा - जब कविता में सुंदरता शब्दों के बाहरी रूप के कारण नहीं, बल्कि उनके अर्थ के कारण आती है। यदि मूल शब्द मुख्य स्थान से हटकर जाए और उसकी जगह कोई दूसरा पर्यायवाची शब्द लगाओ, तब भी कविता की सुंदरता वैसी ही रहती है।

साहित्यिक परिभाषा - जहाँ काव्यगत सौंदर्य शब्दों के बाह्य रूप पर आश्रित न होकर अर्थ की व्यंजना पर निर्भर करता है। इसमें शब्द के अपनी जगह से हटकर जाने पर भी, उसके स्थान पर उसका समानार्थक शब्द प्रतिस्थापित करने पर अलंकार अक्षुण्ण रहता है।


3. उभयालंकार -

मुख्य पंक्ति - 'शब्द' और 'अर्थ' – दोनों का साथ

मुख्य बात - इसमें शब्द और अर्थ दोनों का मिश्रण होता है।

नियम - कविता को सुंदर बनाने के लिए एक तरफ से विशिष्ट शब्द लगाओ और दूसरी तरफ से उसका गहरा अर्थ भी सजाओ ताकि कोई भी तत्व अपने स्थान से हटकर अलग न हो।

सरल परिभाषा - जब कविता में सुंदरता शब्द और अर्थ दोनों के कारण एक साथ आती है। इसके सौंदर्य को बनाए रखने के लिए न तो शब्द अपनी मुख्य जगह से हटकर जाए और न ही उसके अर्थ को अलग करो; दोनों का होना अनिवार्य है।

साहित्यिक परिभाषा - जिस काव्य में शब्दगत चारुता तथा अर्थगत चमत्कार दोनों का सह-अस्तित्व पाया जाता है। यह शब्द और अर्थ के अपने मूल स्वरूप से बिना हटकर काम करने और दोनों के सशक्त सम्मिश्रण से निर्मित होता है।

शब्दालंकार
  1. अनुप्रास अलंकार
  2. यमक अलंकार
  3. श्लेष अलंकार
अर्थालंकार
  1. उपमा अलंकार
  2. रूपक अलंकार
  3. उत्प्रेक्षा अलंकार
  4. उदाहरण अलंकार
  5. विरोधाभास अलंकार


1. अनुप्रास अलंकार

जब कविता की किसी लाइन में एक ही अक्षर बार-बार आए, तो वहाँ अनुप्रास अलंकार होता है।

साहित्यिक लक्षण - काव्य में जहाँ व्यंजनों की सादृश्यता के कारण वर्णों की आवृत्ति बार-बार होती है, चाहे उनके स्वर मिले या न मिलें, वहाँ अनुप्रास अलंकार होता है।


खास ट्रिक का नाम वर्ण आवृत्ति ट्रिक (अक्षर रिपीट होना)


उदाहरण - चारु चंद्र की चंचल किरणें, खेल रही थीं जल-थल में। ( यहाँ च और ल वर्ण बार-बार आया है। )

उदाहरण - रघुपति राघव राजा राम, पतित पावन सीताराम। ( यहाँ र और प वर्ण की आवृत्ति हुई है। )


उदाहरण - मुदित महीपति मंदिर आए, सेवक सचिव सुमंत बुलाए। ( यहाँ म और स वर्ण बार-बार आया है। )

2. यमक अलंकार

जब कविता में एक ही शब्द दो या दो से अधिक बार आए, लेकिन हर बार उसका मतलब अलग हो।

साहित्यिक लक्षण - जहाँ भिन्न अर्थ वाले सार्थक शब्दों अथवा वर्ण-समुदायों की क्रमशः आवृत्ति होती है, वहाँ यमक अलंकार होता है।


खास ट्रिक का नाम शब्द जोड़ा भिन्न अर्थ ट्रिक (जुड़वां शब्द, अलग मतलब)


उदाहरण 1 कनक कनक ते सौ गुनी, मादकता अधिकाय। ( पहले कनक का अर्थ सोना और दूसरे का अर्थ धतूरा है। )


उदाहरण 2 काली घटा का घमंड घटा। ( पहली घटा का अर्थ काले बादल और दूसरी घटा का अर्थ कम होना है। )


उदाहरण 3 तीन बेर खाती थी वे तीन बेर खाती हैं। ( पहले बेर का अर्थ तीन बार और दूसरे का अर्थ बेर का फल है। )

3. श्लेष अलंकार

जब कविता में शब्द तो एक ही बार आए, लेकिन उसी एक शब्द के कई सारे अर्थ निकलते हों।

साहित्यिक लक्षण - जहाँ काव्य में प्रयुक्त किसी एक शब्द के प्रसंगानुसार एक से अधिक अर्थ निकलते हों, वहाँ श्लेष अलंकार होता है।


खास ट्रिक का नाम एक शब्द अनेक अर्थ ट्रिक ( चिपका हुआ अर्थ )


उदाहरण 1 रहिमन पानी राखिए, बिन पानी सब सून। पानी गए न ऊबरै, मोती, मानुष, चून। ( पानी शब्द के तीन अर्थ हैं मोती के लिए चमक, मनुष्य के लिए इज्जत, और आटे के लिए जल )


उदाहरण 2 चरन धरत चिंता करत, चितवत चारों ओर। सुबरन को खोजत फिरत, कवि, व्यभिचारी, चोर। (सुबरन शब्द के तीन अर्थ हैं कवि के लिए अच्छे शब्द, व्यभिचारी के लिए गोरा रंग, और चोर के लिए सोना )


उदाहरण 3 मंगन को देखि पट देत बार-बार है। ( पट शब्द के दो अर्थ हैं कपड़ा दान देना या दरवाजा बंद करना )

4. उपमा अलंकार

जब किसी साधारण चीज की तुलना किसी बहुत प्रसिद्ध चीज से की जाए।

साहित्यिक लक्षण - जहाँ रूप, रंग या गुण की अत्यधिक समानता के कारण उपमेय (जिसकी तुलना की जाए) की उपमान (जिससे तुलना की जाए) से तुलना की जाती है, वहाँ उपमा अलंकार होता है।


खास ट्रिक का नाम - सा-सी-से वाचक शब्द ट्रिक ( तुलना पहचान शब्द )


उदाहरण - पीपर पात सरिस मन डोला। ( मन के डोलने की तुलना पीपल के पत्ते से की गई है; सरिस वाचक शब्द है )


उदाहरण - मुख मयंक सम मंजु मनोहर। ( सुंदर मुख की तुलना चंद्रमा से की गई है; सम वाचक शब्द है )

उदाहरण - हाय! फूल सी कोमल बच्ची, हुई राख की थी ढेरी। ( बच्ची की तुलना फूल से की गई है; सी वाचक शब्द है )

5. रूपक अलंकार

रूपक में तुलना का झंझट ही खत्म कर देते हैं और दोनों चीजों को एक ही मान लेते हैं।

साहित्यिक लक्षण - जहाँ उपमेय पर उपमान का निषेध रहित अभेद आरोप किया जाता है (दोनों में कोई भेद नहीं रखा जाता), वहाँ रूपक अलंकार होता है।


खास ट्रिक का नाम योजक चिह्न रूपी ट्रिक (अभेद आरोप)


उदाहरण 1 चरन कमल बंदौ हरिराई। ( चरणों को सीधे कमल ही मान लिया गया है, कोई अंतर नहीं रखा। )


उदाहरण 2 मैय्या मैं तो चँद्र-खिलौना लैहौं। (चंद्रमा को ही सीधे खिलौना बता दिया गया है, चंद्रमा जैसा नहीं। )


उदाहरण 3 पायो जी मैंने राम रतन धन पायो। ( राम नाम को ही सीधे रत्न रूपी धन कह दिया गया है । )

6. उत्प्रेक्षा अलंकार

जहाँ दो चीजों में समानता देखकर सिर्फ कल्पना या संभावना की जाए।

साहित्यिक लक्षण - जहाँ उपमेय में गुण-धर्म की समानता के कारण उपमान की संभावना या कल्पना की जाती है, वहाँ उत्प्रेक्षा अलंकार होता है।


खास ट्रिक का नाम मानो-जानो वाचक शब्द ट्रिक ( कल्पना सूचक शब्द )

उदाहरण 1 सोहत ओढ़े पीत पट, स्याम सलौने गात। मनहु नीलमनि सैल पर, आतप परयो प्रभात। ( कृष्ण के शरीर पर पीले कपड़ों को देखकर नीलमणि पर्वत पर धूप की कल्पना की गई है; मनहु वाचक शब्द है। )


उदाहरण 2 सिर फट गया उसका वहीं, मानो अरुण रंग का घड़ा। ( फटे हुए सिर में लाल रंग के घड़े की कल्पना की गई है; मानो वाचक शब्द है। )


उदाहरण 3 ले चला साथ मैं तुझे कनक, ज्यों भिक्षुक लेकर स्वर्ण-जनक। ( धतूरे को ऐसे ले चला मानो कोई भिखारी सोना ले जा रहा हो; ज्यों वाचक शब्द है । )

7. उदाहरण अलंकार

जब अपनी किसी बात को समझाने के लिए पहले एक बात कही जाए, और फिर उससे मिलती-जुलती कोई जानी-पहचानी बात दी जाए।

साहित्यिक लक्षण - जहाँ पहले कोई बात कहकर उसकी पुष्टि के लिए उससे मिलता-जुलता कोई प्रसिद्ध उदाहरण दिया जाता है, वहाँ उदाहरण अलंकार होता है।


खास ट्रिक का नाम जब भी परीक्षा में कोई पंक्ति आए और उसके बीच में जैसे, ज्यों, जिमि, या यथा जैसे शब्द दिखाई दें, तो समझ जाइए कि वहाँ उदाहरण अलंकार है।


उदाहरण 1 बूँद अघात सहैं गिरि कैसे। खल के बचन संत सहँ जैसे। ( पहाड़ जैसे बूंदों की मार सहते हैं, वैसे ही संत दुष्टों के वचन सहते हैं; जैसे शब्द आया है । )


उदाहरण 2 नीकी पै फीकी लगे, बिन अवस की बात। जैसे बरनत युद्ध में, रस सिंगार न सुहात। ( बिना मौके की बात अच्छी नहीं लगती, जैसे युद्ध के वर्णन में श्रृंगार रस अच्छा नहीं लगता; जैसे शब्द आया है । )


उदाहरण 3 सभी सहायक सबल के, कोउ न निबल सहाय। पवन जगावत आग को, दीपहिं देत बुझाय। ( कमजोर की मदद कोई नहीं करता, जैसे हवा आग को तो भड़का देती है पर छोटे से दीपक को बुझा देती है । )

8. विरोधाभास अलंकार

जहाँ असल में कोई विरोध न हो, लेकिन कविता की लाइन को पढ़ने पर ऐसा लगे कि दोनों बातें एक-दूसरे के बिल्कुल उल्टी हैं।

साहित्यिक लक्षण - जहाँ वास्तविक विरोध न होते हुए भी केवल विरोधी शब्दों के कारण विरोध का आभास मात्र होता है, वहाँ विरोधाभास अलंकार होता है।


खास ट्रिक का नाम उल्टी बात विरोध ट्रिक (विपरीतार्थक आभास)


उदाहरण 1 या अनुरागी चित्त की, गति समुझै नहिं कोइ। ज्यों-ज्यों बूडै स्याम रंग, त्यों-त्यों उज्ज्वल होइ। ( काले रंग में डूबने पर उज्ज्वल होना विरोधी बात लगती है । )


उदाहरण 2 तंत्री नाद, कबित्त रस, सरस राग रति रंग। अनबूड़े बूड़े, जे बूड़े सब अंग। ( जो नहीं डूबे वो डूब गए और जो पूरे डूब गए वो पार हो गए—यह सुनने में उल्टा लगता है । )


उदाहरण 3 शीतल बानी में आग लिए फिरता हूँ। ( वाणी को शीतल भी कहा गया है और उसमें आग होने की बात भी कही गई है । )


काव्य शास्त्र — आरबीएसई कक्षा 12 हिंदी अनिवार्य अलंकार प्रश्न उत्तर

आरबीएसई बोर्ड कक्षा 12 हिंदी अनिवार्य के ब्लूप्रिंट के आधार पर पाठ्यक्रम में शामिल सभी 8 अलंकारों का संपूर्ण अभ्यास नीचे सरल भाषा में दिया गया है -

अलंकार बहुविकल्पीय प्रश्न उत्तर

प्रश्न 1 तरनि तनूजा तट तमाल तरुवर बहु छाए पंक्ति में कौन सा अलंकार है ?

(अ) यमक अलंकार

(ब) अनुप्रास अलंकार

(स) श्लेष अलंकार

(द) उपमा अलंकार

उत्तर — (ब) अनुप्रास अलंकार

व्याख्या — यहाँ त वर्ण बार—बार आया है। वर्णों की आवृत्ति के कारण यहाँ अनुप्रास अलंकार सुंदर रूप में बैठता है।

प्रश्न 2 तीन बेर खाती थी वे तीन बेर खाती हैं पंक्ति में कौन सा अलंकार प्रयुक्त हुआ है ?

(अ) श्लेष अलंकार

(ब) उपमा अलंकार

(स) यमक अलंकार

(द) रूपक अलंकार

उत्तर — (स) यमक अलंकार

व्याख्या — यहाँ बेर शब्द दो बार आया है। पहली बार इसका अर्थ तीन बार यानी समय है और दूसरी बार तीन फल यानी बेर है। एक शब्द अपनी पुरानी जगह से हटकर दूसरा अर्थ दे, वहाँ यमक नियम लगाओ

प्रश्न 3 चरन कमल बंदौ हरिराई पंक्ति में कौन सा अलंकार माना जाता है ?

(अ) उपमा अलंकार

(ब) रूपक अलंकार

(स) उत्प्रेक्षा अलंकार

(द) विरोधाभास अलंकार

उत्तर — (ब) रूपक अलंकार

व्याख्या — यहाँ चरणों को ही सीधे कमल मान लिया गया है। तुलनात्मक शब्द पूरी तरह हटकर खत्म हो चुके हैं और अभेद आरोप लगाया गया है।

प्रश्न 4 पीपर पात सरिस मन डोला पंक्ति में कौन सा अलंकार है ?

(अ) रूपक अलंकार

(ब) उत्प्रेक्षा अलंकार

(स) उपमा अलंकार

(द) उदाहरण अलंकार

उत्तर — (स) उपमा अलंकार

व्याख्या — मन की तुलना पीपल के पत्ते से की गई है। यहाँ सरिस वाचक शब्द का प्रयोग हुआ है, जिसे तुलना के लिए लगाओ तो उपमा अलंकार बनता है।


प्रश्न 5 सोहत ओढ़े पीत पट, स्याम सलोने गात। मनो नीलमनि सैल पर, आतपु परयो प्रभात। पंक्ति में कौन सा अलंकार है ?

(अ) उत्प्रेक्षा अलंकार

(ब) उदाहरण अलंकार

(स) विरोधाभास अलंकार

(द) श्लेष अलंकार

उत्तर — (अ) उत्प्रेक्षा अलंकार

व्याख्या — यहाँ श्री कृष्ण के सुंदर शरीर पर नीलमणि पर्वत की संभावना की गई है। मनो शब्द की पहचान के कारण यहाँ उत्प्रेक्षा का नियम काम करता है।

प्रश्न 6 सुलगी अनुराग की आग यहाँ, जल से भरपूर तड़ाग जहाँ पंक्ति में कौन सा अलंकार दिखाई देता है ?

(अ) अनुप्रास अलंकार

(ब) विरोधाभास अलंकार

(स) यमक अलंकार

(द) रूपक अलंकार

उत्तर — (ब) विरोधाभास अलंकार

व्याख्या — तालाब में पानी भरा होने पर भी आग सुलगने की बात कही गई है। यह सामान्य बुद्धि से हटकर विरोध पैदा करता है, इसलिए विरोधाभास अलंकार है।

प्रश्न 7 नीकी पै फीकी लगै, बिनु अवसर की बात। जैसे बरनत युद्ध में, रस सिंगार न सुहात। पंक्ति में कौन सा अलंकार है ?

(अ) रूपक अलंकार

(ब) उत्प्रेक्षा अलंकार

(स) उदाहरण अलंकार

(द) श्लेष अलंकार

उत्तर — (स) उदाहरण अलंकार

व्याख्या — अपनी बात को समझाने के लिए यहाँ जैसे शब्द का प्रयोग करके युद्ध और श्रृंगार रस का प्रसिद्ध नियम लगाओ तो बात स्पष्ट होती है, अतः यह उदाहरण अलंकार है।

प्रश्न 8 रहिमन पानी राखिए, बिनु पानी सब सून। पानी गए न ऊबरै, मोती मानुष चून। पंक्ति में रेखांकित पानी शब्द में कौन सा अलंकार है ?

(अ) यमक अलंकार

(ब) श्लेष अलंकार

(स) अनुप्रास अलंकार

(द) उपमा अलंकार

उत्तर — (ब) श्लेष अलंकार

व्याख्या — यहाँ पानी शब्द एक ही बार अपनी मुख्य जगह पर आया है, लेकिन इसके तीन अलग—अलग अर्थ चमक, प्रतिष्ठा, जल चिपके हुए हैं।

प्रश्न 9 मुख मयंक सम मंजु मनोहर पंक्ति में कौन सा अलंकार है ?

(अ) उपमा अलंकार

(ब) रूपक अलंकार

(स) उत्प्रेक्षा अलंकार

(द) yमक अलंकार

उत्तर — (अ) उपमा अलंकार

व्याख्या — मुख की तुलना सीधे चंद्रमा से की गई है और सम वाचक शब्द का प्रयोग यहाँ सुंदरता बढ़ाने के लिए हुआ है।

प्रश्न 10 तात तरनि तनूजा तट तमाल तरुवर बहु छाए में बार—बार किस वर्ण की आवृत्ति हो रही है जिसके कारण अनुप्रास अलंकार बना है ?

(अ) न वर्ण की

(ब) त वर्ण की

(स) र वर्ण की

(द) म वर्ण की

उत्तर — (ब) त वर्ण की

व्याख्या — त वर्ण बार—बार अपने स्थान पर दोहराया गया है, जिससे कविता सुनने में बहुत मधुर लगती है।

प्रश्न 11 काली घटा का घमंड घटा पंक्ति में कौन सा अलंकार प्रयुक्त हुआ है ?

(अ) श्लेष अलंकार

(ब) यमक अलंकार

(स) उपमा अलंकार

(द) अनुप्रास अलंकार

उत्तर — (ब) यमक अलंकार

व्याख्या — यहाँ घटा शब्द दो बार आया है। पहली घटा का अर्थ बादल है और दूसरी घटा का अर्थ कम होना है। अर्थ पूरी तरह हटकर बदल गया है।

प्रश्न 12 सुबरन को खोजत फिरत, कवि, व्यभिचारी, चोर। पंक्ति में कौन सा अलंकार है ?

(अ) श्लेष अलंकार

(ब) रूपक अलंकार

(स) उत्प्रेक्षा अलंकार

(द) विरोधाभास अलंकार

उत्तर — (अ) श्लेष अलंकार

व्याख्या — यहाँ सुबरन शब्द के तीन अलग अर्थ अच्छे शब्द, सुंदर रूप, सोना हैं, जो तीनों व्यक्तियों के लिए अलग—अलग रूप में लागू होते हैं।

प्रश्न 13 हरिपद कोमल कमल से पंक्ति में कौन सा अलंकार माना जाएगा ?

(अ) रूपक अलंकार

(ब) उपमा अलंकार

(स) उदाहरण अलंकार

(द) उत्प्रेक्षा अलंकार

उत्तर — (ब) उपमा अलंकार

व्याख्या — भगवान के चरणों की तुलना कमल से की गई है और यहाँ से वाचक शब्द का प्रयोग हुआ है।


प्रश्न 14 पाहुन ज्यों आए हों गाँव में सहर के पंक्ति में कौन सा अलंकार है ?

(अ) उदाहरण अलंकार

(ब) उत्प्रेक्षा अलंकार

(स) रूपक अलंकार

(द) विरोधाभास अलंकार

उत्तर — (ब) उत्प्रेक्षा अलंकार

व्याख्या — यहाँ ज्यों शब्द का प्रयोग संभावना या कल्पना दिखाने के लिए किया गया है, जो उत्प्रेक्षा अलंकार की मुख्य पहचान है।

प्रश्न 15 संसार की समरस्थली में धीरता धारण करो पंक्ति में कौन सा अलंकार है ?

(अ) अनुप्रास अलंकार

(ब) यमक अलंकार

(स) श्लेष अलंकार

(द) विरोधाभास अलंकार

उत्तर — (अ) अनुप्रास अलंकार

व्याख्या — इस पंक्ति में स और ध वर्ण की आवृत्ति बार—बार हुई है, जिससे शब्दालंकार का सुंदर नियम काम करता है।

प्रश्न 16 मीठी लगै अँखियान की लुनाई पंक्ति में कौन सा अलंकार है ?

(अ) उपमा अलंकार

(ब) विरोधाभास अलंकार

(स) उदाहरण अलंकार

(द) रूपक अलंकार

उत्तर — (ब) विरोधाभास अलंकार

व्याख्या — लुनाई का अर्थ लावण्य या सलोनापन होता है। नमक का मीठा लगना बुद्धि से हटकर विरोध दिखाता है, इसलिए यहाँ विरोधाभास है।

प्रश्न 17 नीके लागैं अनाड़ी को, सुंदर सब संसार। जैसे अंध कूप में, दीया बालौ बेकार। पंक्ति में कौन सा अलंकार है ?

(अ) रूपक अलंकार

(ब) उदाहरण अलंकार

(स) उत्प्रेक्षा अलंकार

(द) श्लेष अलंकार

उत्तर — (ब) उदाहरण अलंकार

व्याख्या — पहली बात को स्पष्ट करने के लिए दूसरी प्रसिद्ध बात का सहारा लिया गया है और जैसे वाचक शब्द का प्रयोग हुआ है।

प्रश्न 18 भज मन चरन कंवल अविनासी पंक्ति में कौन सा अलंकार प्रयुक्त हुआ है ?

(अ) रूपक अलंकार

(ब) उपमा अलंकार

(स) अनुप्रास अलंकार

(द) उत्प्रेक्षा अलंकार

उत्तर — (अ) रूपक अलंकार

व्याख्या — यहाँ चरणों पर सीधे कमल का रूप थोप दिया गया है। तुलना वाले सभी शब्द बीच में से पूरी तरह हटकर गायब हो चुके हैं।

प्रश्न 19 मधुबन की छाती को देखो, सूखी इसकी कितनी कलियाँ पंक्ति में कलियाँ शब्द में कौन सा अलंकार है ?

(अ) यमक अलंकार

(ब) श्लेष अलंकार

(स) उपमा अलंकार

(द) विरोधाभास अलंकार

उत्तर — (ब) श्लेष अलंकार

व्याख्या — कलियाँ शब्द के दो अर्थ हैं; पहला खिलने से पूर्व की दशा और दूसरा यौवन से पूर्व की अवस्था।

प्रश्न 20 मखमल के झूल पड़े, हाथी सा टीला पंक्ति में कौन सा अलंकार है ?

(अ) उपमा अलंकार

(ब) रूपक अलंकार

(स) उत्प्रेक्षा अलंकार

(द) अनुप्रास अलंकार

उत्तर — (अ) उपमा अलंकार

व्याख्या — यहाँ टीले की तुलना हाथी से की गई है और सा वाचक शब्द का प्रयोग सुंदरता दिखाने के लिए किया गया है।


अलंकार रिक्त स्थान वाले प्रश्न उत्तर

प्रश्न 21 जब कविता में केवल एक ही वर्ण की बार—बार आवृत्ति होती है, तब वहाँ __________ अलंकार माना जाता है।

उत्तर — अनुप्रास अलंकार

व्याख्या — वर्णों का बार—बार आना अनुप्रास का मुख्य नियम माना जाता है।

प्रश्न 22 जहाँ एक ही शब्द दो या दो से अधिक बार आए और उसका अर्थ हर बार अलग हो, वहाँ __________ अलंकार होता है।

उत्तर — यमक अलंकार

व्याख्या — शब्दों का दोहराव होने पर यदि उनका पुराना अर्थ हटकर नया अर्थ बने, तो वहाँ यमक का नियम लगाओ

प्रश्न 23 श्लेष अलंकार में एक शब्द केवल एक ही बार आता है, परंतु उसके अर्थ __________ निकलते हैं।

उत्तर — अनेक (एक से अधिक)

व्याख्या — शब्द एक ही जगह रहता है पर उसके साथ कई भिन्न अर्थ चिपके होते हैं।

प्रश्न 24 उपमा अलंकार में उपमेय और उपमान की तुलना करने के लिए सा, सी, से, सम, सरिस जैसे __________ शब्दों का प्रयोग होता है।

उत्तर — वाचक

व्याख्या — इन पहचान वाले शब्दों को वाक्य में लगाओ तभी उपमा की पहचान स्पष्ट हो पाती है।

प्रश्न 25 रूपक अलंकार में उपमेय और उपमान के बीच का भेद पूरी तरह से __________ जाता है।

उत्तर — हटकर (खत्म हो)

व्याख्या — इसमें दोनों वस्तुओं को पूरी तरह एक समान मानकर सीधे रूप में स्वीकार कर लिया जाता है।

प्रश्न 26 मानो, जानो, मनहु, जनहु आदि शब्दों का प्रयोग मुख्य रूप से __________ अलंकार की पहचान के लिए किया जाता है।

उत्तर — उत्प्रेक्षा अलंकार

व्याख्या — ये शब्द काव्य पंक्ति में संभावना या कल्पना दिखाने के लिए उपयोग किए जाते हैं।

प्रश्न 27 जहाँ एक सामान्य बात कहकर उसकी पुष्टि के लिए जैसे, ज्यों शब्दों का प्रयोग करते हुए दूसरी प्रसिद्ध बात कही जाए, वहाँ __________ अलंकार होता है।

उत्तर — उदाहरण अलंकार

व्याख्या — किसी सिद्धांत को समझाने के लिए जब लोक—प्रसिद्ध उदाहरण दिया जाता है।

प्रश्न 28 जहाँ वास्तविक विरोध न होने पर भी केवल बाहरी शब्दों के कारण विरोध का आभास हो, वहाँ __________ अलंकार होता है।

उत्तर — विरोधाभास अलंकार

व्याख्या — यह बुद्धि से हटकर केवल शब्दों के स्तर पर विरोध की स्थिति पैदा करता है।

प्रश्न 29 कनक कनक ते सौ गुनी... उदाहरण मुख्य रूप से __________ अलंकार के अंतर्गत पढ़ा जाता है।

उत्तर — यमक अलंकार

व्याख्या — यहाँ दोनों कनक शब्दों के अर्थ पूरी तरह भिन्न सोना और धतूरा हैं।

प्रश्न 30 चरण कमल बंदौ हरिराई वाक्य में प्रयुक्त अलंकार __________ का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।

उत्तर — रूपक अलंकार

व्याख्या — चरणों को बिना किसी तुलना के सीधे कमल का रूप दे दिया गया है।

प्रश्न 31 पीपर पात सरिस मन डोला पंक्ति में सरिस शब्द __________ अलंकार का वाचक शब्द है।

उत्तर — उपमा अलंकार

व्याख्या — सरिस का अर्थ समान होता है जो उपमा अलंकार में तुलना के काम आता है।

प्रश्न 32 रहिमन पानी राखिए... इस पूरी प्रसिद्ध पंक्ति में मुख्य रूप से __________ अलंकार निहित है।

उत्तर — श्लेष अलंकार

व्याख्या — यहाँ पानी शब्द के साथ सम्मान, चमक और जल जैसे अनेक अर्थ जुड़े हुए हैं।

प्रश्न 33 चारु चंद्र की चंचल किरणें... पंक्ति में च वर्ण की आवृत्ति से __________ अलंकार बनता है।

उत्तर — अनुप्रास अलंकार

व्याख्या — वर्णों का सुंदर दोहराव ही अनुप्रास की मुख्य पहचान है।

प्रश्न 34 ज्यों—ज्यों बूड़ै स्याम रंग, त्यों—ज्यों उज्जवल होइ पंक्ति में प्रयुक्त अलंकार __________ है।

उत्तर — विरोधाभास अलंकार

व्याख्या — काले रंग में डूबने से पवित्र या सफेद होने की बात कहना एक विरोधाभास है।

प्रश्न 35 जब किसी बात को साधारण तरीके से कहकर, समझाने के लिए कोई दृष्टांत या प्रासंगिक बात जैसे शब्द के साथ प्रस्तुत की जाए, वहाँ __________ अलंकार होता है।

उत्तर — उदाहरण अलंकार

व्याख्या — यह किसी नियम को समझाने का सबसे सटीक अलंकार माना जाता है।

प्रश्न 36 जहाँ उपमेय में उपमान का अभेद आरोप होता है, वहाँ __________ अलंकार होता है।

उत्तर — रूपक अलंकार

व्याख्या — इसमें दोनों वस्तुओं का अंतर पूरी तरह से हटकर शून्य हो जाता है।

प्रश्न 37 काली घटा का घमंड घटा में पहला घटा शब्द बादल के लिए और दूसरा घटा शब्द कम होने के लिए प्रयुक्त हुआ है, इसलिए यहाँ __________ अलंकार है।

उत्तर — यमक अलंकार

व्याख्या — समान दिखने वाले शब्दों के अर्थ जब अलग—अलग रूप में लगाओ, तो वहाँ यमक होता है।

प्रश्न 38 उपमा अलंकार के मुख्य रूप से __________ अंग होते हैं।

उत्तर — चार

व्याख्या — इन चारों अंगों उपमेय, उपमान, वाचक शब्द, साधारण धर्म को सही स्थान पर लगाओ तो उपमा पूर्ण रूप धारण करती है।

प्रश्न 39 सुलगी अनुराग की आग यहाँ... में प्रेम की आग का पानी से भरे तालाब के पास लगना __________ अलंकार का संकेत देता है।

उत्तर — विरोधाभास अलंकार

व्याख्या — आग और पानी का साथ होना तर्क से हटकर विरोध दर्शाता है।

प्रश्न 40 जहाँ शब्दों के अर्थ से काव्य में चमत्कार उत्पन्न होता है, उसे __________ कहते हैं।

उत्तर — अर्थालंकार

व्याख्या — यह काव्य के आंतरिक सौंदर्य और गहरे भाव पर टिका होता है।


अलंकार महत्वपूर्ण लघुत्तरात्मक प्रश्न—उत्तर

प्रश्न 41 उपमा अलंकार के लक्षण और उदाहरण लिखिए।

उत्तर — जहाँ किसी वस्तु या व्यक्ति के रूप—रंग की तुलना किसी प्रसिद्ध वस्तु से की जाती है वहाँ उपमा अलंकार होता है।

उदाहरण — पीपर पात सरिस मन डोला

व्याख्या — यहाँ मन की तुलना पीपल के पत्ते से करने के लिए सरिस वाचक शब्द का प्रयोग हुआ है।

प्रश्न 42 रूपक अलंकार के लक्षण और उदाहरण स्पष्ट कीजिए।

उत्तर — जहाँ उपमेय और उपमान के बीच का भेद पूरी तरह से हटकर खत्म हो जाता है और दोनों को एक मान लिया जाता है वहाँ रूपक अलंकार होता है।

उदाहरण — चरन कमल बंदौ हरिराई

व्याख्या — यहाँ चरणों को बिना किसी तुलना के सीधे कमल का रूप दे दिया गया है।

प्रश्न 43 उपमा और रूपक अलंकार में क्या मुख्य अंतर है?

उत्तर — उपमा अलंकार में दो वस्तुओं के बीच तुलना करने के लिए सा या सी या से जैसे वाचक शब्द का प्रयोग होता है। इसके विपरीत रूपक अलंकार में तुलना वाले शब्द बीच में से पूरी तरह से हटकर गायब हो जाते हैं और सीधे अभेद आरोप लगाया जाता है।

प्रश्न 44 अनुप्रास अलंकार के लक्षण और उदाहरण लिखिए।

उत्तर — जहाँ काव्य में एक ही वर्ण या अक्षर की आवृत्ति बार—बार होती है वहाँ अनुप्रास अलंकार होता है।

उदाहरण — चारु चंद्र की चंचल किरणें खेल रही थीं जल थल में

व्याख्या — इस पंक्ति में च और ल वर्ण की सुंदर आवृत्ति बार—बार हुई है।

प्रश्न 45 यमक अलंकार के लक्षण और उदाहरण स्पष्ट कीजिए।

उत्तर — जहाँ काव्य में एक ही शब्द दो या दो से अधिक बार आए और उसका अर्थ हर बार अलग हो वहाँ यमक अलंकार होता है।

उदाहरण — काली घटा का घमंड घटा

व्याख्या — यहाँ पहली घटा का अर्थ बादल है और दूसरी घटा का अर्थ कम होना है। अर्थ अपनी जगह से हटकर बदल जाता है।

प्रश्न 46 अनुप्रास और यमक अलंकार में क्या अंतर होता है?

उत्तर — अनुप्रास अलंकार में केवल एक वर्ण या अक्षर बार—बार दोहराया जाता है जबकि यमक अलंकार में पूरा का पूरा शब्द दो या अधिक बार दोहराया जाता है और उसका अर्थ भी बदल जाता है।

प्रश्न 47 श्लेष अलंकार के लक्षण और उदाहरण लिखिए।

उत्तर — जहाँ कविता में शब्द तो केवल एक ही बार आता है परंतु उसके साथ एक से अधिक अर्थ चिपके होते हैं वहाँ श्लेष अलंकार होता है。

उदाहरण — सुबरन को खोजत फिरत कवि व्यभिचारी चोर

व्याख्या — यहाँ सुबरन शब्द एक है पर इसके तीन अर्थ अच्छे शब्द, सुंदर रूप और सोना निकलते हैं।

प्रश्न 48 यमक और श्लेष अलंकार में मुख्य अंतर क्या है?

उत्तर — यमक अलंकार में समान दिखने वाला शब्द कविता में दो या अधिक बार अलग—अलग जगह आता है जबकि श्लेष अलंकार में वह शब्द केवल एक ही बार अपनी मुख्य जगह पर आता है और उसी एक शब्द से कई अर्थ निकलते हैं।

प्रश्न 49 उत्प्रेक्षा अलंकार के लक्षण और उदाहरण लिखिए।

उत्तर — जहाँ उपमेय में उपमान की केवल संभावना या कल्पना व्यक्त की जाती है वहाँ उत्प्रेक्षा अलंकार होता है।

उदाहरण — सोहत ओढ़े पीत पट स्याम सलोने गात मनो नीलमनि सैल पर आतपु परयो प्रभात

व्याख्या — यहाँ श्री कृष्ण के सुंदर शरीर पर नीलमणि पर्वत की संभावना दिखाने के लिए मनो शब्द का प्रयोग हुआ है।


प्रश्न 50 उपमा और उत्प्रेक्षा अलंकार में क्या अंतर है?

उत्तर — उपमा अलंकार में दो वस्तुओं के बीच वास्तविक समानता या तुलना दिखाई जाती है जबकि उत्प्रेक्षा अलंकार में समानता न दिखाकर केवल एक वस्तु में दूसरी वस्तु की संभावना या कल्पना की जाती है।

प्रश्न 51 उदाहरण अलंकार के लक्षण और उदाहरण स्पष्ट कीजिए।

उत्तर — जहाँ एक सामान्य बात कहकर उसकी पुष्टि के लिए जैसे या ज्यों शब्द के साथ कोई दूसरी लोक—प्रसिद्ध बात कही जाए वहाँ उदाहरण अलंकार होता है।

उदाहरण — नीकी पै फीकी लगै बिनु अवसर की बात जैसे बरनत युद्ध में रस सिंगार न सुहात

व्याख्या — बिना अवसर की बात को समझाने के लिए यहाँ जैसे शब्द के साथ युद्ध में श्रृंगार रस का उदाहरण दिया गया है।

प्रश्न 52 विरोधाभास अलंकार के लक्षण और उदाहरण लिखिए।

उत्तर — जहाँ वास्तविक विरोध न होने पर भी केवल बाहरी शब्दों की बुनावट के कारण विरोध का आभास दिखाई दे वहाँ विरोधाभास अलंकार होता है।

उदाहरण — ज्यों—ज्यों बूड़ै स्याम रंग त्यों—ज्यों उज्जवल होइ

व्याख्या — काले रंग में डूबने से पवित्र या सफेद होना सामान्य बुद्धि से हटकर विरोध पैदा करता है।

प्रश्न 53 उपमा अलंकार के चार अंग कौन से हैं उनके नाम लिखिए।

उत्तर — उपमा अलंकार के मुख्य रूप से चार अंग होते हैं जिनके नाम उपमेय, उपमान, वाचक शब्द और साधारण धर्म हैं। इन चारों को सही स्थान पर लगाओ तो उपमा पूर्ण रूप धारण करती है।

प्रश्न 54 उपमेय और उपमान में क्या अंतर होता है?

उत्तर — उपमेय वह मुख्य वस्तु या व्यक्ति होता है जिसकी तुलना की जा रही है जैसे मुख। इसके विपरीत उपमान वह प्रसिद्ध वस्तु होती है जिससे तुलना की जा रही है जैसे चंद्रमा।

प्रश्न 55 वाचक शब्द और साधारण धर्म का क्या अर्थ है?

उत्तर — वाचक शब्द वे शब्द होते हैं जो तुलना प्रकट करने के लिए उपयोग किए जाते हैं जैसे सा या सी। साधारण धर्म वह गुण या विशेषता होती है जो दोनों वस्तुओं में समान होती है जैसे सुंदर होना।


प्रश्न 56 शब्दालंकार और अर्थालंकार में क्या अंतर है?

उत्तर — शब्दालंकार में पूरा चमत्कार केवल बाहरी शब्दों पर टिका होता है और शब्द के हटकर जाने पर चमत्कार खत्म हो जाता है। अर्थालंकार में चमत्कार शब्दों के अर्थ में होता है और पर्यायवाची शब्द लगाओ तब भी चमत्कार जारी रहता है।

प्रश्न 57 उत्प्रेक्षा अलंकार के मुख्य वाचक शब्द कौन से हैं लिखिए।

उत्तर — उत्प्रेक्षा अलंकार को पहचानने के लिए कविता में मानो, जानो, मनहु, जनहु, ज्यों जैसे वाचक शब्दों का प्रयोग किया जाता है। इन शब्दों पर ध्यान लगाओ तो उत्प्रेक्षा की पहचान तुरंत हो जाती है।

प्रश्न 58 सुबरन को खोजत फिरत कवि व्यभिचारी चोर पंक्ति में श्लेष अलंकार क्यों है?

उत्तर — इस पंक्ति में सुबरन शब्द केवल एक बार आया है परंतु कवि के लिए इसका अर्थ अच्छे शब्द है, व्यभिचारी के लिए सुंदर रूप है और चोर के लिए इसका अर्थ सोना है। एक शब्द से तीन अर्थ चिपके होने के कारण यहाँ श्लेष अलंकार है।

प्रश्न 59 तीन बेर खाती थी वे तीन बेर खाती हैं पंक्ति में यमक अलंकार कैसे सिद्ध होता है?

उत्तर — इस पंक्ति में बेर शब्द दो बार आया है। पहले बेर शब्द का अर्थ तीन बार यानी समय है और दूसरे बेर शब्द का अर्थ तीन फल यानी झाड़ी का बेर है। शब्द का अर्थ पूरी तरह हटकर बदल जाने से यहाँ यमक अलंकार सिद्ध होता है।



आशा है कि आपको अलंकार का यह पूरा पाठ भेद उदाहरण सहित बहुत ही आसान तरीके से समझ आ गया होगा। अब आपके दिमाग से अलंकारों का डर पूरी तरह हटकर दूर हो गया होगा। इसलिए यदि यह विषय अच्छे से समझ आ गया है तो इसे अपने स्कूल के दोस्तों के साथ भी जरूर शेयर करें ताकि वे भी परीक्षा की अच्छी तैयारी कर सकें।