Solved Model paper class 12 hindi anivarya । NCERT CBSE RBSE ब्लू प्रिंट आधारित -
उच्च माध्यमिक परीक्षा - सॉल्वड मॉडल पेपर
विषय - हिन्दी अनिवार्य कक्षा 12
समय - 3 घंटे 15 मिनट
पूर्णांक - 80 अंक
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| Solved Model paper class 12 hindi anivarya |
खण्ड - अ (कुल अंक - 30)
प्रश्न 1. बहू विकल्पात्मक प्रश्न - (1 × 6 = 6)
संस्कृति किसी राष्ट्र की आत्मा होती है। सभ्यता से मनुष्य के भौतिक विकास का पता चलता है, परंतु संस्कृति उसके मानसिक और आध्यात्मिक उत्कर्ष की परिचायक है। भारत की संस्कृति समन्वयवादी रही है। यहाँ विभिन्न संस्कृतियों का मिलन हुआ, लेकिन भारतीयता के मूल तत्व कभी नष्ट नहीं हुए। आज के उपभोक्तावादी युग में हम अपनी संस्कृति के मूल जीवन-मूल्यों को भूलते जा रहे हैं, जो चिंता का विषय है। युवाओं को अपनी जड़ों से जुड़ना होगा।
(i) उपर्युक्त गद्यांश का उचित शीर्षक क्या है ?
(अ) भौतिक विकास
(ब) भारतीय संस्कृति और जीवन मूल्य
(स) आधुनिक सभ्यता
(द) उपभोक्तावाद
उत्तर (ब) भारतीय संस्कृति और जीवन मूल्य
(ii) संस्कृति को राष्ट्र की क्या कहा गया है ?
(अ) देह
(ब) आत्मा
(स) बुद्धि
(द) आभूषण
उत्तर (ब) आत्मा
(iii) सभ्यता से मनुष्य के किस विकास का पता चलता है ?
(अ) मानसिक
(ब) आध्यात्मिक
(स) भौतिक
(द) सामाजिक
उत्तर (स) भौतिक
(iv) भारतीय संस्कृति की मुख्य विशेषता क्या रही है ?
(अ) कट्टरता
(ब) समन्वयवादिता
(स) संकीर्णता
(द) भौतिकता
उत्तर (ब) समन्वयवादिता
(v) आज के युग को गद्यांश में क्या कहा गया है ?
(अ) प्राचीन युग
(ब) वैदिक युग
(स) उपभोक्तावादी युग
(द) आध्यात्मिक युग
उत्तर (स) उपभोक्तावादी युग
(vi) 'उत्कर्ष' शब्द का सही विलोम शब्द है -
(अ) अपकर्ष
(ब) निष्कर्ष
(स) विकर्ष
(द) प्रकर्ष
उत्तर - (अ) अपकर्ष
चाह नहीं, मैं सुरबाला के गहनों में गूँथा जाऊँ,
चाह नहीं प्रेमी-माला में बिंध प्यारी को ललचाऊँ,
चाह नहीं सम्राटों के शव पर हे हरि डाला जाऊँ,
चाह नहीं देवों के सिर पर चढ़ूँ भाग्य पर इठलाऊँ।
मुझे तोड़ लेना बनमाली, उस पथ पर तुम देना फेंक,
मातृभूमि पर शीश चढ़ाने, जिस पथ जावें वीर अनेक।
(i) प्रस्तुत काव्यांश में किसका भाव व्यक्त हुआ है ?
(अ) सौंदर्य का
(ब) राष्ट्रभक्ति का
(स) विलासिता का
(द) प्रकृति का
उत्तर - (ब) राष्ट्रभक्ति का
(ii) 'सुरबाला' शब्द का क्या अर्थ है ?
(अ) अप्सरा/देव कन्या
(ब) साधारण स्त्री
(स) गायिका (द)
वीरांगना
उत्तर - (अ) अप्सरा/देव कन्या
(iii) पुष्प कहाँ नहीं गूँथा जाना चाहता ?
(अ) माला में
(ब) सुरबाला के गहनों में
(स) चरणों में
(द) थाली में
उत्तर - (ब) सुरबाला के गहनों में
(iv) पुष्प बनमाली से क्या प्रार्थना कर रहा है ?
(अ) देवों पर चढ़ाने की
(ब) मार्ग में फेंकने की
(स) सुरक्षित रखने की
(द) सम्राटों को देने की
उत्तर - (ब) मार्ग में फेंकने की
(v) 'शीश चढ़ाना' मुहावरे का अर्थ है—
(अ) सिर ऊँचा करना
(ब) बलिदान देना
(स) आदर करना
(द) गर्व करना
उत्तर - (ब) बलिदान देना
(vi) इस कविता के रचयिता का मूल संदेश क्या है ?
(अ) सुख भोगना
(ब) देश के लिए सर्वस्व अर्पण
(स) देव पूजा
(द) धन कमाना
उत्तर - (ब) देश के लिए सर्वस्व अर्पण
(i) 'आत्मपरिचय' कविता में कवि हरिवंश राय बच्चन किसका भार लिए फिरते हैं ?
(अ) कार्यालय का
(ब) जग-जीवन का
(स) परिवार का
(द) दुखों का
उत्तर - (ब) जग-जीवन का
(ii) 'उषा' कविता में नीले नभ को किसके समान बताया गया है ?
(अ) शंख के समान
(ब) कमल के समान
(स) दर्पण के समान
(द) सागर के समान
उत्तर - (अ) शंख के समान
(iii) 'भक्तिन' महादेवी वर्मा की किस विधा की रचना है ?
(अ) कहानी
(ब) संस्मरणात्मक रेखाचित्र
(स) उपन्यास
(द) नाटक
उत्तर - (ब) संस्मरणात्मक रेखाचित्र
(iv) 'बाज़ार दर्शन' निबंध के अनुसार बाज़ार का जादू किसकी राह से काम करता है ?
(अ) आँख की
(ब) कान की
(स) स्पर्श की
(द) जेब की
उत्तर - (अ) आँख की
(v) 'सिल्वर वैडिंग' कहानी के मुख्य पात्र यशोधर बाबू अपनी शादी की कौन सी वर्षगाँठ मना रहे थे ?
उत्तर - रजत जयंती (25वीं वर्षगाँठ)
(vi) 'जूझ' उपन्यास के लेखक का क्या नाम है ?
(अ) आनंद यादव
(ब) मनोहर श्याम जोशी
(स) ओम थानवी
(द) विष्णु खरे
उत्तर - (अ) आनंद यादव
(i) भाषा के शुद्ध रूप और प्रयोग का ज्ञान कराने वाला शास्त्र ............ कहलाता है।
उत्तर - व्याकरण
(ii) जब किसी शब्द के मुख्य अर्थ में बाधा हो और परंपरा के आधार पर दूसरा लक्षित अर्थ निकले, वहाँ ............ शब्दशक्ति होती है।
उत्तर - लक्षणा
(iii) तरनि तनूजा तट तमाल तरुवर बहु छाए में ............ अलंकार है।
उत्तर - अनुप्रास
(iv) जहाँ उपमेय में उपमान की संभावना या कल्पना व्यक्त की जाए, वहाँ ............ अलंकार होता है।
उत्तर - उत्प्रेक्षा
(v) सरकारी आदेशों, सूचनाओं आदि को राजपत्र में प्रकाशित करना ............ कहलाता है।
उत्तर- अधिसूचना
(vi) 'Minutes' पारिभाषिक शब्द का हिंदी अर्थ ............ होता है।
उत्तर - कार्यवृत्त
(i) 'इंटरनेट पत्रकारिता' से क्या तात्पर्य है ?
उत्तर- इंटरनेट पर समाचारों का संकलन, लेखन, संपादन और प्रकाशन करना ही इंटरनेट पत्रकारिता कहलाता है।
(ii) समाचार लेखन के छह ककार कौन-कौन से हैं ?
उत्तर- छह ककार हैं - क्या, कौन, कहाँ, कब, क्यों और कैसे।
(iii) यशोधर बाबू का तकियाकलाम वाक्यांश क्या था ?
उत्तर- उनका तकियाकलाम था - समहाउ इम्प्रॉपर
(iv) 'सिंधु घाटी सभ्यता' के दो प्रमुख शहरों के नाम लिखिए।
उत्तर- मोहनजोदड़ो और हड़प्पा।
(v) 'कैमरे में बंद अपाहिज' कविता में किस मानवीय प्रवृत्ति पर क्रूर व्यंग्य किया गया है ?
उत्तर- मीडिया और दूरदर्शन संचालकों की व्यावसायिक क्रूरता तथा संवेदनहीनता पर तीखा व्यंग्य किया गया है।
(vi) 'काले मेघा पानी दे' पाठ में 'जीजी' के अनुसार सच्चा त्याग क्या है ?
उत्तर- अपनी जरूरत की वस्तु को भी लोक-कल्याण या दूसरों की भलाई के लिए सहर्ष दान कर देना ही सच्चा त्याग है।
खण्ड - ब (कुल अंक - 16)
निम्नलिखित लघुत्तरात्मक प्रश्नों के उत्तर अधिकतम 40 शब्दों में दीजिए - (2 × 8 = 16)
प्रश्न 6. पतंगों के साथ-साथ वे भी उड़ रहे हैं - कवि आलोक धन्वा के इस कथन का आशय स्पष्ट कीजिए।
उत्तर - इसका आशय यह है कि पतंग उड़ाते समय बच्चों का मन उमंग, उत्साह और असीम कल्पनाओं से भर जाता है। पतंग की ऊँचाई के साथ-साथ बच्चों की बाल-सुलभ इच्छाएँ और उनका रोमांचित मन भी आकाश की ऊँचाइयों को छूने लगता है।
प्रश्न 7. 'बात सीधी थी पर' कविता के आधार पर बताइए कि भाषा के चक्कर में बात कैसे पेचीदा हो जाती है ?
उत्तर - जब कोई लेखक अपनी बात को सरल ढंग से कहने के स्थान पर उसमें कठिन, भारी-भरकम शब्दों या भाषायी दिखावा का प्रयोग करने लगता है, तो बात का वास्तविक अर्थ खो जाता है और वह समझने में कठिन हो जाती है।
प्रश्न 8. 'भक्तिन' के आ जाने से महादेवी वर्मा अधिक देहाती कैसे हो गईं ?
उत्तर - भक्तिन ने अपनी ग्रामीण आदतें नहीं बदलीं। उसने लेखिका को गाँव के सीधे-सादे व्यंजन जैसे मकई का पुआ, बाजरे की रोटी और तीखी दाल खाना सिखा दिया। साथ ही वह दिन-रात ग्रामीण मुहावरों का प्रयोग करती थी, जिससे महादेवी भी देहाती रंग में रंग गईं।
प्रश्न 9. बाज़ारूपन से क्या तात्पर्य है ? लेखक जैनेंद्र कुमार के अनुसार कौन से लोग बाज़ार को सार्थकता देते हैं ?
उत्तर - दिखावे के लिए या अपनी क्रय-शक्ति का घमंड दिखाने के लिए अनावश्यक वस्तुओं को खरीदना ही बाज़ारूपन है। लेखक के अनुसार, जो लोग अपनी वास्तविक आवश्यकता को जानकर केवल जरूरत का सामान खरीदते हैं, वे ही बाज़ार को सही सार्थकता देते हैं।
प्रश्न 10. विशेष रिपोर्ट किसे कहते हैं ? यह कितने प्रकार की होती है ?
उत्तर - किसी महत्वपूर्ण घटना, समस्या या मुद्दे की सामान्य समाचारों से हटकर जो गहरी छानबीन और विश्लेषण किया जाता है, उसे विशेष रिपोर्ट कहते हैं। यह मुख्य रूप से चार प्रकार की होती है - खोजी, इन-डेप्थ, विश्लेषणात्मक और विवरणात्मक रिपोर्ट।
प्रश्न 11. 'सिल्वर वैडिंग' कहानी में यशोधर बाबू और उनके बच्चों के बीच वैचारिक अंतर के क्या कारण थे ?
उत्तर - इसका मुख्य कारण 'पीढ़ी का अंतराल' है। यशोधर बाबू पुरानी सनातन परंपराओं, सादगी और संयुक्त परिवार के समर्थक हैं, जबकि उनके बच्चे आधुनिक पाश्चात्य संस्कृति, उपभोक्तावाद और व्यक्तिगत स्वतंत्रता को पसंद करते हैं।
प्रश्न 12. 'जूझ' पाठ के आधार पर बताइए कि आनंदा के जीवन में उसके मराठी शिक्षक 'सोंधलगेकर' का क्या योगदान रहा ?
उत्तर - मास्टर सोंधलगेकर ने आनंदा के भीतर छिपी कविता रचने की प्रतिभा को पहचाना। उन्होंने उसे लय, छंद, अलंकार और शुद्ध उच्चारण का ज्ञान कराया, जिससे आनंदा में आत्मविश्वास जागा और वह एक अच्छा कवि बन सका।
प्रश्न 13. प्रिंट मीडिया (मुद्रित माध्यम) की किन्हीं दो प्रमुख कमियों का उल्लेख कीजिए।
उत्तर -
यह माध्यम अनपढ़ (निरक्षर) लोगों के लिए बिल्कुल अनुपयोगी है।
यह रेडियो या टीवी की तरह तुरंत घटित घटनाओं की लाइव अपडेट नहीं दे सकता, क्योंकि इसकी एक निश्चित समय-सीमा होती है।
खण्ड - स (कुल अंक - 18)
निम्नलिखित दीर्घ उत्तरीय प्रश्नों के उत्तर दीजिए (शब्द सीमा लगभग 60-80 शब्द) -
प्रश्न 14. निम्नलिखित पद्यांश की सप्रसंग व्याख्या कीजिए - (4 अंक)
मैं निज उर के उद्गार लिए फिरता हूँ,
मैं निज उर के उपहार लिए फिरता हूँ;
है यह अपूर्ण संसार न मुझको भाता,
मैं स्वप्नों का संसार लिए फिरता हूँ।
उत्तर -
संदर्भ व प्रसंग - प्रस्तुत पद्यांश हमारी पाठ्यपुस्तक 'आरोह भाग-2' में संकलित कवि हरिवंश राय बच्चन द्वारा रचित कविता 'आत्मपरिचय' से लिया गया है। इसमें कवि अपने अंतर्मन की प्रेममयी भावनाओं को व्यक्त कर रहा है।
व्याख्या - कवि कहता है कि मैं अपने हृदय में किसी बाहरी दबाव के बिना अपने मौलिक भाव और प्रेम रूपी अनमोल उपहार लेकर इस दुनिया में घूमता हूँ। यह भौतिकवादी संसार अधूरा और ईर्ष्या से भरा है, इसलिए यह मेरे मन को नहीं भाता।
मैं इस यथार्थवादी दुनिया से दूर अपने मन में प्रेम और शांति के सपनों का एक सुखद संसार रचता हूँ और उसी में आनंदित रहता हूँ।
विशेष - 1. कवि की प्रेममयी और कल्पनाशील मनोवृत्ति का सुंदर चित्रण।
2. 'संसार लिए फिरता हूँ' में अनुप्रास एवं रूपक अलंकार।
3. सरल खड़ी बोली हिंदी का प्रयोग
परंतु पैसे की व्यंग्य-शक्ति की सुनिए। वह दारुण है। पैदल चल रहा हूँ कि पास ही धूल उड़ाती निकल गई मोटर। वह क्या निकली, मेरे कलेजे पर एक कठिन व्यंग्य की लीक खींच गई। जैसे किसी ने आँखों में उँगली देकर दिखा दिया हो कि देखो, उसका नाम है मोटर और तुम उससे वंचित हो।
उत्तर -
संदर्भ व प्रसंग - प्रस्तुत गद्यांश हमारी पाठ्यपुस्तक 'आरोह भाग-2' में संकलित जैनेंद्र कुमार के प्रसिद्ध निबंध 'बाज़ार दर्शन' से उद्धृत है। यहाँ लेखक ने धन (पैसे) की क्रूर और मनोवैज्ञानिक मारक क्षमता का वर्णन किया है।
व्याख्या - लेखक कहता है कि पैसे की व्यंग्य-शक्ति मनुष्य को भीतर तक तोड़ देती है। जब कोई व्यक्ति पैदल चल रहा हो और उसके पास से कोई शानदार कार धूल उड़ाती हुई निकल जाए, तो उस कार की गति पैदल चलने वाले के मन में गहरी हीनभावना पैदा कर देती है।
उसे ऐसा महसूस होता है जैसे समाज उसे चिढ़ा रहा हो कि तुम्हारे पास कार नहीं है और तुम साधनहीन हो। यह व्यंग्य अपनों के प्रति भी कड़वाहट भर देता है।
विशेष - 1. समाज में व्याप्त आर्थिक असमानता और हीनभावना पर चोट।
2. 'कलेजे पर व्यंग्य की लीक खींचना' मुहावरे का सजीव प्रयोग।
3. भाषा विचारात्मक और प्रभावी है।
उत्तर -
जीवन परिचय - हिंदी साहित्य में 'आधुनिक मीरा' के नाम से विख्यात महादेवी वर्मा का जन्म सन् 1907 में फर्रुखाबाद (उत्तर प्रदेश) में हुआ था।
वे छायावाद के चार प्रमुख स्तंभों में से एक अत्यंत संवेदनशील रचनाकार थीं। वे प्रयाग महिला विद्यापीठ की उपकुलपति भी रहीं। सन् 1987 में उनका देहावसान हुआ।
प्रमुख रचनाएँ -
काव्य संग्रह - नीहार, रश्मि, नीरजा, सांध्यगीत, दीपशिखा और 'यामा' जिस पर उन्हें प्रतिष्ठित ज्ञानपीठ पुरस्कार प्राप्त हुआ )।
रेखाचित्र एवं संस्मरण (गद्य) - अतीत के चलचित्र, स्मृति की रेखाएँ, पथ के साथी, मेरा परिवार।
साहित्यिक विशेषताएँ - महादेवी जी के काव्य में विरह की वेदना, करुणा और रहस्यवाद की प्रधानता है। उनके गद्य में समाज के उपेक्षित वर्ग, शोषितों और मूक पशु-पक्षियों के प्रति गहरा प्रेम और सहानुभूति दिखाई देती है। उनकी भाषा तत्समप्रधान संस्कृतनिष्ठ खड़ी बोली है।
उत्तर -
अतीत में दबे पाँव पाठ के अनुसार मोहनजोदड़ो और हड़प्पा की नगर-नियोजन व्यवस्था प्राचीन विश्व में सबसे उत्कृष्ट और आधुनिक ग्रिड-पैटर्न पर आधारित थी। इसकी मुख्य विशेषताएँ निम्नलिखित हैं -
1. सड़कें और गलियाँ - यहाँ की मुख्य सड़कें सीधी और काफी चौड़ी थीं, जो एक-दूसरे को समकोण (90 डिग्री) पर काटती थीं। इस व्यवस्था को 'ग्रिड प्लान' कहा जाता है, जो आज के आधुनिक शहरों में देखा जाता है।
2. अद्भुत जल निकासी प्रणाली - सिंधु घाटी की जल निकासी व्यवस्था इतिहास में बेजोड़ थी। हर घर की छोटी नाली बाहर की मुख्य और बड़ी नाली से मिलती थी। ये सभी नालियाँ पक्की ईंटों से पूरी तरह ढकी हुई थीं, जिससे स्वच्छता का विशेष ध्यान रहता था।
3. मकानों की बनावट - मकान व्यवस्थित रूप से पक्की ईंटों के बनाए गए थे, जिनमें से कई दो मंजिला थे। घरों के मुख्य दरवाजे बड़ी सड़क पर न खुलकर पीछे की शांत गलियों में खुलते थे, जो सुरक्षा और शांति की दृष्टि से उत्तम था।
4. सार्वजनिक निर्माण - नगर में एक विशाल सामूहिक स्नानागार ( महाकुंड ) मिला है, जिसमें पानी के रिसाव को रोकने के लिए चारकोल का प्रयोग किया गया था। साथ ही अन्न भंडारण के लिए बड़े-बड़े कोठार बने हुए थे, जो उनकी उन्नत वास्तुकला के बारे में बताते हैं।
खण्ड - द (कुल अंक - 16)
प्रश्न 18. सचिव, माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान, अजमेर की ओर से उच्च माध्यमिक परीक्षा 2027 की स्क्रूटनी (अंक सुधार/संवीक्षा) हेतु एक विज्ञप्ति का प्रारूप तैयार कीजिए। (4 अंक)
उत्तर -
माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान, अजमेर
क्रमांक - माशिबो/परीक्षा/2027/405
दिनांक - 18 जून 2026
विज्ञप्ति
सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि बोर्ड द्वारा आयोजित उच्च माध्यमिक (कक्षा-12) मुख्य परीक्षा-2027 का परीक्षा परिणाम घोषित किया जा चुका है। जो भी परीक्षार्थी अपने प्राप्तांकों से संतुष्ट नहीं हैं और अपनी उत्तर-पुस्तिका की संवीक्षा (स्क्रूटनी/अंक सुधार) करवाना चाहते हैं, वे परिणाम घोषणा की तिथि से आगामी 15 दिवस के भीतर बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर निर्धारित शुल्क के साथ ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। नियत तिथि के पश्चात प्राप्त होने वाले किसी भी आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा।
हस्ताक्षर
(सचिव)
माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राज., अजमेर
विषय - डिजिटल इंडिया - बदलते भारत की तस्वीर
उत्तर -
1. प्रस्तावना -
'डिजिटल इंडिया' भारत सरकार द्वारा शुरू किया गया एक क्रांतिकारी और दूरदर्शी अभियान है। इसका मुख्य उद्देश्य देश को तकनीकी रूप से सुदृढ़, ज्ञान-आधारित अर्थव्यवस्था में बदलना और प्रत्येक नागरिक को डिजिटल रूप से सशक्त बनाना है। आज यह अभियान केवल एक सरकारी योजना न रहकर बदलते और आधुनिक होते भारत की नई पहचान बन चुका है।
2. विभिन्न क्षेत्रों में डिजिटल क्रांति -
बैंकिंग और डिजिटल भुगतान - 'यूपीआई' (UPI) प्रणाली के विकास ने देश में वित्तीय लेनदेन का चेहरा बदल दिया है। आज छोटे रेहड़ी-पटरी वालों से लेकर बड़े मॉल तक कैशलेस भुगतान (डिजिटल पेमेंट) हो रहा है। भारत आज दुनिया में सबसे अधिक डिजिटल ट्रांजैक्शन करने वाला देश है।
शिक्षा क्षेत्र - ई-पाठशाला, दीक्षा पोर्टल और ऑनलाइन कक्षाओं ने सुदूर गाँवों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुँचाई है। अब किसी भी कोने में बैठा छात्र देश के सर्वश्रेष्ठ शिक्षकों से पढ़ सकता है।
ई-गवर्नेंस और पारदर्शिता - मूल निवास, जाति प्रमाण पत्र, राशन कार्ड जैसी नागरिक सेवाएँ अब ऑनलाइन ई-मित्र या जनसेवा केंद्रों के माध्यम से सीधे मिल रही हैं। 'डीबीटी' (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से सरकारी योजनाओं का पैसा सीधे लाभार्थियों के खातों में जा रहा है, जिससे बिचौलियों और भ्रष्टाचार का अंत हुआ है।
3. इसके लाभ -
इस क्रांति से समय, धन और कागजी कार्रवाई की भारी बचत हुई है। प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता आई है और आम जनता का सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटना बंद हुआ है। देश के ग्रामीण क्षेत्रों में भी सूचनाओं की पहुँच आसान हुई है।
4. चुनौतियाँ -
इस तीव्र प्रगति के साथ कुछ चुनौतियाँ भी सामने आई हैं। साइबर अपराध (ऑनलाइन फ्रॉड, हैकिंग) का बढ़ना, ग्रामीण इलाकों में इंटरनेट की गति का धीमा होना और देश की एक बड़ी आबादी का आज भी डिजिटल रूप से साक्षर न होना मुख्य समस्याएँ हैं।
5. उपसंहार -
तमाम चुनौतियों के बावजूद, डिजिटल इंडिया ने भारत को वैश्विक पटल पर एक प्रगतिशील राष्ट्र के रूप में स्थापित किया है। यदि हम साइबर सुरक्षा को और कड़ा कर लें और डिजिटल साक्षरता का दायरा बढ़ा दें, तो वह दिन दूर नहीं जब भारत तकनीकी और आर्थिक रूप से विश्व का नेतृत्व करेगा।
